Sunday, November 6, 2016

नई पेंशन स्कीम को हाईकोर्ट में चुनौती, याचिका में पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने की मांग

नई पेंशन स्कीम को हाईकोर्ट में चुनौती, याचिका में पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने की मांग

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dainikbhaskar | Nov 04,2016 7:14 PM IST

इलाहाबाद. हाईकोर्ट ने केन्द्र व राज्य कर्मचारियों की नई पेंशन स्कीम की वैधता की चुनौती याचिका पर केन्द्र व राज्य सरकार से 6 सप्ताह में जवाब मांगा है। याची का कहना है कि सांसदों व विधायकों को एक दिन भी सदन का सदस्य बनते ही 20 हजार प्रतिमाह पेंशन निर्धारित है। वहीँ सरकारी कर्मचारियों को लम्बी सेवा के बावजूद अंशदायी पेंशन की अनिवार्य व्यवस्था की गई है। यह अनुच्छेद 14 व 21 के विपरीत है।

यह आदेश न्यायमूर्ति एस.एन.शुक्ला ने प्राइमरी स्कूल जोखल इलाहाबाद के सहायक अध्यापक विवेकानंद की याचिका पर दिया है। याचिका में नई पेंशन स्कीम को रद्द करने तथा पुरानी पेंशन स्कीम फिर से लागू करने की मांग की गई है। याची का कहना है कि अंशदायी पेंशन की नई योजना, एलआईसी योजना की तरह निवेश पर निर्भर करेगी। इस योजना के तहत 60 साल में रिटायर्ड होने से पहले यदि कुलराशि का 40 प्रतिशत जमा है तो 60 प्रतिशत पेंशन मिलेगी।

वहीँ 80 फीसदी जमा करने पर ही पूरी पेंशन दी जाएगी। इस योजना में कर्मचारी बीमा कंपनी में पेंशन पाएगा। इसमें कोई इंक्रीमेंट नहीं जुड़ेगा, जबकि पुरानी पेंशन योजना में समय-समय पर डियरनेस एलाउन्स जुड़ता जाता था। केन्द्र सरकार ने 1जनवरी 2004 से तथा राज्य सरकार ने 1 अप्रैल 2005 से नई पेंशन योजना लागू की है। भारतीय सेना में पुरानी पेंशन योजना ही लागू है। शेयर बाजार की तरह निश्चित पेंशन मिलने की कोई गारंटी नहीं है। यह केन्द्र व राज्य कर्मचारियों के साथ अन्याय है। सरकार को ऐसी नीति बनाने का अधिकार नहीं है, जो नागरिकों के बीच भेदभाव करती हो और मूल अधिकारों के खिलाफ हो। याचिका की सुनवाई 8 सप्ताह बाद होगी।

Wednesday, August 31, 2016

Pay calculation in 7th pay Commission

प्रिय साथियों,

7वां वेतन आयोग 25 जुलाई 2016 को घोषित हो गया,अतः सभी केंद्रीय,दिल्ली सरकार के कर्मचारियों के लिए 7 वां वेतन आयोग लागु हो चुका है।अब सभी के सम्मुख कुछ शंकाएं व समस्याएं हैं-
1- विकल्प का चुनाव कैसे किया जाये?
1-वेतन वृद्धि कब से ली जाये?
3-macp/प्रमोशन की स्थित में क्या विकल्प होगा?
4-fixation कैसे होगी?
अतः इस संबंध में स्पस्टीकरण इस प्रकार है-
1-विकल्प के चुनाव के सन्दर्भ में-
आपको 7 वे वेतन आयोग को अपनाने की तिथि का चयन करना है न कि वेतन विद्धि का।
हमारे सामने 2 विकल्प हैं-
A-1जन 2016 से 7 वां वेतन आयोग adopt किया जाये।
B-1जुलाई 2016 से या अगली वेतन वृद्ध की  तारीख या macp/pramotion की तारीख से 7 वां वेतन आयोग adopt किया जाये।
इसके लिए आपको सामान्य सी exercise करनी है-
Step1-1 जन2016 का मूल वेतन ×2.57=जो राशि आयी,उसे सम्बंधित लेवल की कोष्टिका में देखें या तो उसके बराबर या उच्चतर स्तर की कोस्ठिका की राशि 1जन 2016 का मूल वेतन होगा।
स्टेप2-1जन 2016 के नए मूल वेतन के बाद 1 जुलाई 2016 में 1 वेतन वृद्धि देने के बाद प्राप्त राशि,जो 1जन 2016 के कोस्ठिका के उच्चतर कोष्टिका के बराबर की राशि होगी, 1जुलाई 2016 का मूल वेतन होगा।
Step3-6ठे वेतन आयोग के अनुसार 1 जुलाई 2016का मूल वेतन×2.57=जो राशि प्राप्त हो उसे सम्बंधित लेवल की कोष्टिका में देखें,उसके बराबर या उच्चतर स्तर की कोष्टिका की राशि 1जुलाई का मूल वेतन होगा।
अब यदि स्टेप 3 की राशि स्टेप 2 की राशि से अधिक है तो ऑप्शन 2 लेंगे अर्थात 7वां वेतन आयोग 1जुलाई 2016 से adopt करेंगे और यदि स्टेप 3 की राशि स्टेप 2 के बराबर या कम है तो ऑप्शन 1 लेंगे,अर्थात 1जन 2016 से 7 वां वेतन आयोग adopt करेंगे।

2-वेतन वृद्धि-
यदि 1जन 2016 को 7 वां वेतन आयोग adopt करते हैं तो पहली वेतन वृद्धि 1 जुलाई 2016 को मिलेगी,इसके बाद प्रत्येक जुलाई में वेतन वृद्धि मिलेगी।यदि 1 जुलाई 2016 को 7वां वेतन आयोग अडॉप्ट करते हैं तो प्रथम वेतन वृद्धि 1 जुलाई 2017 को मिलेगी,इसके बाद प्रत्येक जुलाई में वेतन वृद्धि मिलेगी।

3-macp/प्रमोशन की स्थित में-macp/प्रमोशन की तिथि को वर्तमान लेवल में 1 वेतन वृद्धि दे दी जायेगी व उच्चतर लेवल में समान या  समान न होने पर उच्चतर कोष्टिका में shift कर दिया जायेगा।यदि macp/प्रमोशन 2 जन से 1 जुलाई के मध्य होता है तो अगली वेतन वृद्धि अगली 1 january को व यदि macp/प्रमोशन 2 जुलाई से 1 जनवरी के मध्य होता है तो अगली वेतन वृद्धि अगली 1 जुलाई को देय होगी।
उदाहरण-macp/प्रमोशन
A-2जन2016 से 1 जुलाई 2016 के मध्य ,अगली वेतन वृद्धि 1 जन 2017
B-2 जुलाई 2016 से 1 जन 2017 के मध्य,अगली वेतन वृद्धि 1जुलाई 2017

        उदहारण
7वे वेतन आयोग के स्पस्टीकरण हेतु उदहारण-
उदाहरण 1-
Pb-2,grade pay-4600
1 जनवरी 2016 को मूल वेतन-19590
1जुलाई 2016 को मूल वेतन-20180
Fixation-
Step1-
1जन 2016 का मूल वेतन 19590×2.57=50346
वेतन मैट्रिक्स के लेवल 7 में संसोधित वेतन=50500
Step2-
1जुलाई को 7 वें वेतन आयोग के अनुसार वेतन वृद्धि के बाद मूल वेतन=52000
Step3-
6th वेतन आयोग के अनुसार 1 जुलाई 2016 का मूल वेतन
20180×2.57=51863
वेतन मैट्रिक्स में संसोधित वेतन=52000
अतः step 3 की राशि step 2 के बराबर है,अतःoption 1लेने में benefit है,अर्थात 1 जनवरी 2016 से 7 वां वेतन आयोग adopt करेंगे।
DNI-1 जुलाई 2016

उदहारण 2-
Pb-2,grade pay 4600
1जनवरी2016 को मूल वेतन-20850
1जुलाई 2016 को मूल वेतन-21480
Step 1-
1 जनवरी का मूल वेतन 20850 ×2.57=53585
वेतन मैट्रिक्स में लेवल 7 में संशोधित वेतन=53600
Step 2=
1जुलाई 2016 को 7 वें वेतन आयोग के अनुसार वेतन वृद्धि के बाद मूल वेतन=55200
Step3-
1 जुलाई 2016को छठे वेतन आयोग के अनुसार मूल वेतन 21480 ×2.57=55204
वेतन मैट्रिक्स में लेवल 7 में संशोधित लवेतन =56900
अतः step 3 की राशि step 2 से अधिक है,इसलिए ऑप्शन 2 लेने में benefit है,अर्थात 1जुलाई 2016 से 7th वेतन आयोग opt करेंगे।
DNI- 1जुलाई 2017

आपके समक्ष सरलतम रूप में ऑप्शन opt करने की प्रक्रिया रखी गई है।उम्मीद है आपको यह प्रक्रिया समझ आ गयी होगी।

धन्यवाद।

Tuesday, April 19, 2016

Seventh pay Commission with investment

Invest your half salary hike

Seventh pay commission with investment

Invest your half salary hike

NPS =New Pension Scheme

केन्द्र में एक जनवरी 2004 से व राज्यों में अलग-अलग तारीख़ से :

NPS =New Pension Scheme
इसमे नई पेंशन योजना के लागू होने की तिथि के बाद जो सरकारी सेवा मे आये है वो कर्मचारी आते है ....इसमे 10% (बेसिक +डी०ए०)कर्मचारी का और उसमे 10% सरकार अपनी तरफ से जोड कर 33%+33%+34% तीन अलग अलग स्कीम में लाती है .....पर असल बात ये है .....कि कर्मचारी 10 साल से पहले इसमे से कुछ भी नही निकाल सकता , 10 साल बाद केवल 25% जितना भी उस समय तक जमा होगा निकाल सकता है वो भी तीन प्रयोजन के लिए .... विवाह , मकान , बीमारी , इसमे केवल बीमारी की अवस्था मे वो बार बार 25%ले सकता है बाकी दो में 5 वर्ष कि अन्तर होना चाहिए ,
रिटायरमेन्ट पर कर्मचारी को 40% ही दिया जाएगा बाकी 60% से पैन्शन दी जाएगी , अगर कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाती है तो परिवार को केवल 20% दिया जाएगा और 80% से पैन्शन दी जाएगी ,
अगर परिवार मे केवल पति पत्नी ही है तो सोचो पति के रिटायर होने पर 40% या मृत्यु होने पर 20% उसके बाद पत्नी भी दो चार साल में मृत्यु को प्राप्त है जाती है तो बाकी का पैसा किसी को नही मिलेगा ........अब इसमें 50% तो हमारा ही है उसमे से 10% पर NSDL ने कब्जा कर लिया .....इस पर विचार करों ये बहुत गलत स्कीम है सरकार पर दबाव बनाओ और इसमे उचित बदलाव लाओ ........ नीति निर्धारण करने वाले खुद इतने बड़े पदों पर होते हैं कि वे इतना कमा चुके होते हैं कि उनके खर्च इतने अधिक होते हैं कि उनकी तनख्वाह से तो उनके बिजली के बिल पूरे हो जाएँ तो बड़ी बात है। वे ऐसे मकानों में रहते हैं कि जहाँ प्लाट की जमीन की कीमत ही 20-30 करोड़ हो सकती है। उनके बच्चे उन संस्थाओं में पढ़े होते हैं जहाँ साल भर की फीस ही 3 से 10 लाख तक हो सकती है या इससे अधिक भी। फिर उन्हें पेंशन से क्या लेना? नेता तो उनके भी ऊपर वाले पाट होते हैं।
    वक्त आ गया है कि इन नीति निर्धारकों की सम्पत्ति लूटने का, इन्हें सड़क पर घसीट-घसीट कर मारने का। इनके घरों में तो कुत्तों को भी Air conditioner मिलता है और हमें पूरी जिन्दगी काटने पर बुढ़ापे में पेंशन भी नहीं मिलती।